॥ॐ श्री गणेशाय नम:॥
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सोमवार, 17 दिसंबर 2007

उनकी Yaad


उनकी याद्…………

क्षितिज की ओर निहारती नज़रे
शांत समुन्दर की मस्त लहरे
बरबस ही उनकी याद दिला जाती है
उनको भूलने की नाकाम कोशिश
फ़िर मन में एक आस जगा जाती है
मन फ़िर मन नहीं रहता
प्रेम में वशीभूत हो जाता है
आसमान की उँचाईया छूने लगता है
प्यार कि खुशबू महकने लगती है
सांसे कुछ तेज चलने लगती है
बंद आँखे प्यार का लम्हा जीने लगती है
होंठ उनके नाम से कंपकपाने लगते है
अहसास फिर से मचलने लगते है

उनकी याद आज भी
अपने करीब ले जाती है

-अस्तित्व, यू ए ई

1 टिप्पणी:

मीनाक्षी ने कहा…

प्यार के लम्हे और उसकी यादें कुछ ऐसा ही एह्सास कराती हैं... बहुत खूबसूरत एहसास ...